सलमान के फैन ने अंतिम सांस लेने के पहले जो कहा वो आपको भी झकझोर देगी

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फोन का लॉग खाली सा महसूस हो रहा है, तेरे नाम वाली रिंग भी नहीं बजती अब, फेसबुक पर भी तू नहीं है, ज़्यादा दूर नहीं गए हो पर ये थोड़ी दूरी भी बहुत अखरती है मुझे। पूरा शहर तेरे जाने से खाली सा महसूस होता है ना तेरी खुशबू आ रही हवाओं में ना तेरी आवाज़| कान तरस गए तेरी आवाज सुनने को, तेरी यादें का आलम कुछ यूं है कि घर में बनाना हो
खाने के पकवान और अगर वो तेरी पसंद के तो मैं बनाने में हिचक जाती हूँ। पूरी दुनिया से दूर जब होती हूँ, तब तू याद और ज़्यादा आता है आखिर तू भी तो मेरी दुनिया ही है।

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वो तेरी बाइक जिसे बड़े शौक से चलाता था, मानो वो भी आज उदासी में खड़ी है। तेरे पापा कुछ कहते नहीं है  समझती हूँ, आज शायद उन्हें तेरा ज़ोर-ज़ोर से गाने बजाना भी पसंद आएगा। वो गली भी खली है जहाँ तू अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता था और पुरे मोहल्ले में उधम मचा देता था । तेरे दोस्त भी तेरे कमरे में बैठकर तुझे बड़ा याद करते है।

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तेरे पापा तो चुपके से कमरे में बैठकर आँसू छिपा लेते है, पर मेरे आँसू तो तू ही पोछता था। तेरे जाने के दो दिन के बाद ही तेरा फ्लिपकार्ट से पार्सल आया जिसमे तेरी पसंदीदा परफ्यूम है, वह तेरे लिए रख दी है। हॉस्पिटल के वो लम्हे अभी भी याद है जब हम सब परेशान थे और तूने हस्ते हुए कहा, ‘मैं सलमान का फैन हूँ, सुपरमैन हूँ, मुझे कुछ नहीं होगा।” जब तूने ये सब कहा ही तो क्यों चला गया। अब मुझे कौन माँ कहकर पुकारेगा, बेटा इतना दूर क्यों गया तू, वापिस आजा मेरे गले से लग जा।

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आज पुरे 5 साल हो गए उसके रूम का सारा सामन आज भी वैसे ही रखा हैं, उसका फ्लिपकार्ट का पार्सल भी यहीं रखा है।